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भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की रिटेल बिक्री जुलाई में सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत बढ़ी: रिपोर्ट

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की रिटेल बिक्री जुलाई में सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत बढ़ी: रिपोर्ट

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की रिटेल बिक्री जुलाई में सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत बढ़ी: रिपोर्ट


नई दिल्ली, 24 जुलाई। भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के सभी सेगमेंट में रिटेल बिक्री जुलाई में अब तक (1-23 जुलाई) सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत बढ़ी है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।


चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहिया वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एसयूवी और पैसेंजर कार सेगमेंट में मजबूत मांग के चलते यात्री वाहनों की बिक्री 20.6 प्रतिशत बढ़ी।


रिपोर्ट के मुताबिक, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 27.3 प्रतिशत और तीनपहिया वाहनों की बिक्री में 18.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।


रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रैक्टर सेगमेंट में भी 36.8 प्रतिशत की मजबूत सालाना बढ़ोतरी देखने को मिली।


रिपोर्ट में कहा गया, "हमें उम्मीद है कि जुलाई 2026 में ऑटो उद्योग मजबूत वृद्धि दर्ज करेगा। इसके पीछे जुलाई 2025 का कम बेस, उपभोक्ता भावना में स्थिरता, हाल में लॉन्च हुए नए मॉडल, इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जाना, ब्याज दरों में नरमी और जीएसटी कटौती बाद बढ़ी खरीदने की क्षमता जैसे प्रमुख कारण हैं।"


रिपोर्ट में आगे कहा गया कि आने वाले महीनों का दृष्टिकोण भी सकारात्मक है। इसकी वजह मजबूत मांग, अगस्त-सितंबर 2026 का कम बेस और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के दूसरे हिस्से में त्योहारों के कारण मांग में आने वाली तेजी है।


रिपोर्ट में आगे बताया गया कि ऐतिहासिक रूप से जुलाई महीने के आखिरी आठ दिनों में पूरे महीने की कुल बिक्री का लगभग 25-28 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया जाता है।


एक अन्य हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ऑटो और ऑटो एंसिलरी क्षेत्र का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।


ब्रिकवर्क रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र नए निवेश चक्र में प्रवेश कर रहा है, जहां वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2028-29 के बीच 70,300 करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू होने की संभावना है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि इस निवेश को 4.76 लाख करोड़ रुपए की 184 परियोजनाओं की पाइपलाइन और पहले से क्रियान्वयन के चरण में मौजूद 70 परियोजनाओं का समर्थन प्राप्त है।


रिपोर्ट के अनुसार, निवेश में यह तेजी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजनाओं, फेम III प्रोत्साहनों तथा मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) कंपनियों और टियर-1 सप्लायरों द्वारा क्षमता विस्तार के चलते बनी हुई है।


Amanat Arora | July 24, 2026 | Business | Economy


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