पूर्व ED अधिकारी निरंजन सिंह अमृतपाल की पार्टी में होंगे शामिल, भोला ड्रग मामले की जांच से रहे हैं जुड़े
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक और अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह बुधवार, 23 सितंबर को सांसद अमृतपाल सिंह से जुड़ी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल होंगे। पार्टी की ओर से भी उनके शामिल होने की पुष्टि की गई है। निरंजन सिंह ने खुद भी राजनीति में कदम रखने के फैसले की पुष्टि की है।
निरंजन सिंह लंबे समय तक पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय की जांच से जुड़े रहे हैं और खास तौर पर चर्चित जगदीश सिंह भोला ड्रग रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के कारण सुर्खियों में आए थे। इसी जांच के दौरान उन्होंने तत्कालीन पंजाब के कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से भी पूछताछ की थी।
जालंधर में हुई मुलाकात के बाद लिया फैसला
जानकारी के मुताबिक, अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने मंगलवार को जालंधर स्थित निरंजन सिंह के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद निरंजन सिंह ने पार्टी में शामिल होने का फैसला पक्का किया। पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्य सुखविंदर सिंह अगवान ने भी कहा कि उनकी ज्वाइनिंग 23 सितंबर को चंडीगढ़ में होगी।
निरंजन सिंह ने अपने राजनीतिक फैसले के पीछे पंजाब में नशे की समस्या, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुख वजह बताया है। उनका कहना है कि अलग-अलग सरकारों के वादों के बावजूद नशे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों पर उन्होंने वारिस पंजाब दे को गंभीर माना और पार्टी के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।
भोला ड्रग रैकेट की जांच से मिली पहचान
निरंजन सिंह का नाम पंजाब के चर्चित ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के दौरान सामने आया था। वे ED के जालंधर कार्यालय में तैनात रहे और जगदीश सिंह भोला से जुड़े ड्रग रैकेट की जांच करने वाली टीम का हिस्सा थे। इस मामले में ड्रग कारोबार से जुड़े कथित धन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की गई थी।
दिसंबर 2014 में जांच के सिलसिले में निरंजन सिंह ने तत्कालीन मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी। इसके कुछ ही समय बाद जनवरी 2015 में उनका जालंधर से कोलकाता तबादला कर दिया गया था। इस तबादले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और अदालत ने बाद में तबादले पर रोक लगा दी थी।
2021 में हुए सेवानिवृत्त
निरंजन सिंह ने 2018 में ED छोड़ने का प्रयास किया था, हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। इसके बाद वे 31 मई 2021 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए।
राजनीति में उनके प्रवेश के साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या पार्टी उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से उम्मीदवार बनाएगी। कुछ रिपोर्टों में करतारपुर विधानसभा क्षेत्र से उनके संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा है, लेकिन निरंजन सिंह ने फिलहाल चुनाव लड़ने का कोई अंतिम फैसला होने से इनकार किया है। इसलिए इसे अभी संभावित चर्चा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।