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ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ में ईरान पर हुए 13,000 से ज्‍यादा हमले, 13 अमेर‍िकी सैनिक शहीद

पेंटागन की ओर से बुधवार को एक बयान जारी करते हुए बताया क‍ि अमेर‍िका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान 13,000 से ज्‍यादा ठ‍िकानों पर हमला क‍िया। यह एक बड़ा सैन्‍य अभ‍ियान रहा, जि‍समें अमेर‍िका ने अपने 13 सैन‍िकों को खो द‍िया।


वॉशिंगटन,  पेंटागन की ओर से बुधवार को एक बयान जारी करते हुए बताया क‍ि अमेर‍िका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान 13,000 से ज्‍यादा ठ‍िकानों पर हमला क‍िया। यह एक बड़ा सैन्‍य अभ‍ियान रहा, जि‍समें अमेर‍िका ने अपने 13 सैन‍िकों को खो द‍िया।


 


जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि इस ऑपरेशन का पैमाना इसकी तीव्रता और पहुंच को दिखाता है।


उन्होंने कहा, “युद्ध कार्रवाई शुरू होने के बाद से, अमेरिकी संयुक्त बलों ने 13,000 से ज्‍यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया।”


इनमें से 4,000 से ज्‍यादा ऐसे लक्ष्य थे जो युद्ध के दौरान अचानक सामने आए और उन्हें तुरंत तेज कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम के जरिए निशाना बनाया गया।


इस ऑपरेशन में 10,000 से ज्‍यादा मिशन शामिल थे, जिनमें 62 बॉम्बर उड़ानें भी थीं। इनमें से कुछ उड़ानें अमेरिका से ईरान तक जाकर और वापस आने में 30 घंटे से भी ज्‍यादा चलीं।


केन ने कहा क‍ि दुनिया में कोई और सेना ऐसा नहीं कर सकती, और इसे अमेरिका की लॉजिस्टिक क्षमता का उदाहरण बताया।


इस अभियान में ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे के कई हिस्सों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी बलों ने 450 से ज्‍यादा बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज साइट, 801 ड्रोन स्टोरेज जगहें, और 1,500 से ज्‍यादा एयर डिफेंस टारगेट नष्ट किए, जिससे ईरान की करीब 80 प्रत‍िशत हवाई रक्षा क्षमता खत्म हो गई।


केन ने कहा कि इस ऑपरेशन में ईरान के कमांड और कंट्रोल नेटवर्क को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया। 2,000 से ज्‍यादा ऐसे सिस्टम नष्ट किए गए, जिससे उनकी सैन्य प्रतिक्रिया समन्वय करने की क्षमता कमजोर हो गई।


उन्होंने कहा क‍ि हमने ईरान के कमांड, कंट्रोल और लॉजिस्टिक नेटवर्क को बुरी तरह तबाह कर दिया है।


नौसैनिक कार्रवाई भी काफी बड़ी रही। अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान के 90 प्रत‍िशत से ज्‍यादा नौसैनिक बेड़े को डुबो दिया, जिसमें बड़े युद्धपोत भी शामिल थे, और 700 से ज्‍यादा हमलों के जरिए 95 प्रत‍िशत से ज्‍यादा नौसैनिक माइंस को नष्ट कर दिया।


इस हमले का असर ईरान के रक्षा उद्योग पर भी पड़ा। लगभग 90 प्रत‍िशत हथियार फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया, जिनमें ड्रोन और मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्रियां भी शामिल थीं।


केन ने कहा क‍ि ईरान के न्यूक्लियर इंडस्ट्रियल बेस का लगभग 80 प्रत‍िशत हिस्सा भी प्रभावित हुआ।


इस ऑपरेशन के लिए 50,000 से ज्‍यादा अमेरिकी सैनिकों को सेंट्रल कमांड क्षेत्र और अन्य ठिकानों पर तैनात किया गया।


उन्होंने कहा क‍ि इस पूरे अभियान के दौरान, पेंटागन ने 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत की भी पुष्टि की। केन ने कहा क‍ि हम अपने शहीदों और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलते… खासकर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शहीद हुए 13 सैनिकों को।


Raj Sharma | April 9, 2026 | World |


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