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पाकिस्तान खुले तौर पर भारत में जनमत संग्रह के लिए एसएफजे के दबाव का कर रहा समर्थन, दुष्प्रचार युद्ध छेड़ा

29 अप्रैल को ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) ने भारत में रहने वाले सिखों को लक्षित करते हुए खालिस्तान जनमत संग्रह के लिए मतदाता पंजीकरण अभियान शुरू किया


नई दिल्ली, 29 अप्रैल को ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) ने भारत में रहने वाले सिखों को लक्षित करते हुए खालिस्तान जनमत संग्रह के लिए मतदाता पंजीकरण अभियान शुरू किया। इस घोषणा का स्थान कराची प्रेस क्लब था। एसएफजे और उसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित घोषित किया गया है। 


अधिकारियों का कहना है कि यह दर्शाता है कि पाकिस्तान का तंत्र एसएफजे को खुला समर्थन दे रहा है, जबकि यह संगठन भारत में हिंसक हमलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की मांग कर चुका है।


एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान यह खेल खुलेआम खेल रहा है और यह छिपाने की भी कोशिश नहीं कर रहा कि वह एक आतंकवादी संगठन का समर्थन कर रहा है।


एसएफजे ने भारतीय नेताओं की हत्या की खुलकर मांग की है। इसने जरनैल सिंह भिंडरावाले जैसे लोगों की प्रशंसा की है और एयर इंडिया के कनिष्क विमान हादसे को अंजाम देने वालों को नायक मानता है।


कराची प्रेस क्लब में एसएफजे को जगह देना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आईएसआई खालिस्तान नैरेटिव को अपनी जमीन से आगे बढ़ाना चाहती है क्योंकि कनाडा और यूनाइटेड किंगडम में इस संगठन के लिए काम करना कठिन होता जा रहा है।


यह भारत में इस आंदोलन को फिर से हवा देने की एक हताश कोशिश है क्योंकि पहले के कई प्रयास पूरी तरह विफल रहे हैं।


इस सप्ताह की शुरुआत में पंजाब पुलिस ने आईएसआई और खालिस्तानी संगठनों द्वारा रची गई एक गहरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस ने आरडीएक्स, आरपीजी और ग्रेनेड बरामद किए, जिनका इस्तेमाल राज्यभर में बड़े हमलों के लिए किया जाना था।


पंजाब और पड़ोसी राज्यों में ऐसे कई मामलों के सामने आने के बाद खालिस्तानी संगठनों का मुखपत्र माने जाने वाले एसएफजे ने खालिस्तान जनमत संग्रह के लिए मतदाता पंजीकरण शुरू करने का फैसला किया।


एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजीकरण शुरू करते हुए कहा कि दुनिया भर में 18 लाख लोग इसमें भाग ले चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।


पंजीकरण गुरुद्वारों के माध्यम से किया जाएगा और इसकी शुरुआत दिल्ली से होगी, जिसके बाद यह हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और अंत में पंजाब में पहुंचेगा।


उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत के साथ किसी भी तनाव की स्थिति में वह पाकिस्तान का पूरा समर्थन करेंगे। उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भी जमकर प्रशंसा की।


इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि एसएफजे ने पहले भी आंकड़ों में हेरफेर किया है। वे बढ़ा-चढ़ाकर आंकड़े पेश करते हैं ताकि यह दिखाया जा सके कि आंदोलन को काफी समर्थन मिल रहा है। उनके आंकड़े बेहद संदिग्ध हैं और पंजाब में इस आंदोलन को कोई खास समर्थन न मिलना इसका प्रमाण है।


अधिकारियों को भरोसा है कि भारत में एसएफजे द्वारा मतदाता पंजीकरण शुरू करने की कोशिशें विफल होंगी। पंजाब और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में इस आंदोलन को लगभग कोई समर्थन नहीं है और एसएफजे अपनी योजना में सफल नहीं होगा।


एक अन्य अधिकारी ने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान ने इस संगठन को कराची प्रेस क्लब से नैरेटिव और प्रचार युद्ध चलाने की अनुमति दी है।


हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि एजेंसियों को इस तरह के मतदाता पंजीकरण को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर रहना होगा।


उन्होंने कहा, “भले ही कोई खास समर्थन न हो, लेकिन कभी-कभी एक चिंगारी ही आग भड़काने के लिए काफी होती है।”


एजेंसियों का कहना है कि उन्हें एसएफजे द्वारा चलाए जाने वाले नैरेटिव और फर्जी प्रचार युद्ध पर नजर रखनी होगी। वे सोशल मीडिया और अन्य चैट समूहों में झूठे नैरेटिव फैलाने की कोशिश करेंगे।


मुख्य फोकस फर्जी वीडियो पर होगा, जिनके जरिए भारत में सिखों की स्थिति को गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की जाएगी।


एसएफजे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके ऐसे कंटेंट बनाने की योजना भी बना रहा है, जिसमें भारत का हिस्सा होने के कारण पंजाब को खराब स्थिति में दिखाया जाए।


खुफिया एजेंसियां एसएफजे की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं और ऐसे फर्जी अभियानों को वायरल होने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।


Raj Sharma | May 2, 2026 | World |


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