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तमिलनाडु में 2026 के पहले छह महीनों में मिले 48,469 टीबी मरीज, टीबीमुक्त राज्य बनाने की मुहिम तेज

तमिलनाडु में 2026 के पहले छह महीनों में मिले 48,469 टीबी मरीज, टीबीमुक्त राज्य बनाने की मुहिम तेज

तमिलनाडु में 2026 के पहले छह महीनों में मिले 48,469 टीबी मरीज, टीबीमुक्त राज्य बनाने की मुहिम तेज चेन्नई, 23 जुलाई। तमिलनाडु सरकार ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 48,469 तपेदिक (टीबी) के मरीजों की पहचान की है। सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है और राज्य के टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने गुरुवार को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य टीबी मुक्त तमिलनाडु बनाना है। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को ज्यादा मजबूत किया जाएगा, बीमारी की जल्द पहचान पर विशेष जोर दिया जाएगा और लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।


समीक्षा बैठक में मंत्री ने राज्य के सभी जिला उप-निदेशकों के साथ राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति का आकलन किया। अधिकारियों को अधिक से अधिक मरीजों की पहचान करने, इलाज के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने और कार्यक्रम से जुड़े सभी विभागों व संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।


केजी अरुणराज ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में 93,203 टीबी मरीजों की पहचान की गई थी। वहीं, जनवरी से जून 2026 के बीच 48,469 नए मरीज सामने आए हैं। इन सभी मरीजों को तुरंत इलाज से जोड़ दिया गया है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है।


मंत्री ने कहा कि टीबी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बीमारी की शुरुआती पहचान सबसे जरूरी है। इसके लिए गांवों और शहरी वार्डों में, जहां संक्रमण का खतरा अधिक है, सक्रिय जांच अभियान और तेज किए जाएंगे।


उन्होंने यह भी कहा कि टीबी मरीजों के करीबी संपर्क में आए लोगों को एहतियाती इलाज उपलब्ध कराया जाए। समय पर बचाव उपचार देने से संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है और बीमारी का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है।


गंभीर रूप से बीमार टीबी मरीजों के लिए बेहतर और समग्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनकी रिकवरी दर में सुधार हो सके।


राज्य की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में तमिलनाडु की 2,390 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। यह सफलता लगातार चलाए गए जनस्वास्थ्य अभियान और समुदाय स्तर पर किए गए प्रयासों का परिणाम है।


केजी अरुणराज ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसमें सरकारी विभागों, निजी अस्पतालों, जनप्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि तमिलनाडु सरकार राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करती रहेगी।

Amanat Arora | July 23, 2026 | Health | Google News


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