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इबोला पर काबू के करीब युगांडा, 42 दिनों तक नया मामला नहीं मिला तो खत्म होगा प्रकोप

इबोला पर काबू के करीब युगांडा, 42 दिनों तक नया मामला नहीं मिला तो खत्म होगा प्रकोप

इबोला पर काबू के करीब युगांडा, 42 दिनों तक नया मामला नहीं मिला तो खत्म होगा प्रकोप कंपाला, 16 जुलाई। र‍िपोर्ट में वायरस की पुष्‍ट‍ि न होने के बाद युगांडा ने गुरुवार को अपने आखिरी इबोला मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके साथ ही देश में 42 दिनों की निगरानी की अवधि शुरू हो गई है। अगर इस दौरान इबोला का कोई नया मामला सामने नहीं आता, तो आधिकारिक तौर पर इस प्रकोप को खत्म घोषित कर दिया जाएगा। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, युगांडा के हेल्थ मिनिस्टर, क्रिस बार्योमुंसी ने राजधानी कंपाला के मुलागो नेशनल रेफरल हॉस्पिटल में सिंबॉलिक डिस्चार्ज सेरेमनी की अध्यक्षता की।


इस दौरान मंत्री ने मरीज को इबोला से छुट्टी का प्रमाणपत्र दिया, जिसमें लिखा था कि उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है और अब उससे वायरस फैलने का कोई खतरा नहीं है। मंत्री ने कहा क‍ि अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति ऐसी नहीं है जिससे खतरा हो। इसलिए वे अपने घर और काम पर वापस जा सकते हैं और पहले की तरह अपनी सामान्य ज़िंदगी शुरू कर सकते हैं।


उन्होंने आगे कहा, "हम लोगों और संबंधित अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे उनका स्वागत करें, ताकि वे आसानी से फिर से समाज का हिस्सा बन सकें।"


युगांडा में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के प्रतिनिधि कासोंडे मविंगा ने कहा कि देश पहले से अच्छी तैयारी में था, इसलिए इबोला के प्रकोप को काबू में रखा जा सका। उन्होंने बताया कि पूरे समय इबोला से निपटने वाली टीमें पूरी तरह सतर्क रहीं।


मविंगा ने कहा कि अच्छी तैयारी की वजह से इस प्रकोप में मृत्यु दर दस प्रतिशत से कम रही, जो इबोला के प्रकोपों में अब तक दर्ज सबसे कम दरों में से एक है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, आखिरी पुष्टि किए गए मरीज के वायरस फैलाने में सक्षम न रहने के बाद अगर लगातार 42 दिनों तक इबोला का कोई नया मामला सामने नहीं आता, तो उस देश में प्रकोप को आधिकारिक तौर पर खत्म घोषित किया जा सकता है। मरीज के वायरस फैलाने में सक्षम न रहने का मतलब है कि वह या तो पूरी तरह ठीक होकर निगेटिव रिपोर्ट के साथ अस्पताल से छुट्टी पा चुका हो या उसकी मृत्यु हो गई हो। यदि इन 42 दिनों में कोई नया संक्रमण नहीं मिलता, तो प्रकोप समाप्त माना जाता है।


युगांडा ने 15 मई को इबोला प्रकोप की पुष्टि की थी। उस समय पड़ोसी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) से आए एक यात्री की जांच में इबोला वायरस के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी। फिलहाल इसी स्ट्रेन का प्रकोप डीआरसी में सबसे ज्‍यादा है।


तब से अब तक युगांडा में इबोला के कुल 20 पुष्ट मामले सामने आए हैं। इनमें 15 कांगो के नागरिक और पांच युगांडा के नागरिक शामिल हैं। इनमें से दो मरीजों की मौत हो चुकी है।

Amanat Arora | July 17, 2026 | Health | Google News


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