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भारत-यूके व्यापार समझौते से निर्यात, रोजगार और सेवा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: डब्ल्यूटीसी मुंबई चेयरमैनbui

भारत-यूके व्यापार समझौते से निर्यात, रोजगार और सेवा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: डब्ल्यूटीसी मुंबई चेयरमैन

भारत-यूके व्यापार समझौते से निर्यात, रोजगार और सेवा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: डब्ल्यूटीसी मुंबई चेयरमैन मुंबई, 15 जुलाई। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) बुधवार से लागू हो गया है। इसको लेकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) मुंबई के चेयरमैन विजय कलंत्री ने कहा कि यह समझौता भारत के निर्यात, रोजगार और सेवा क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन देगा, क्योंकि इससे भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में लगभग पूरी तरह शुल्क-मुक्त (टैरिफ-फ्री) पहुंच मिलेगी।


समझौते के लागू होने का स्वागत करते हुए विजय कलंत्री ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अब भारत के ब्रिटेन को होने वाले निर्यात मूल्य का लगभग 99.5 प्रतिशत हिस्सा शून्य आयात शुल्क के दायरे में आ जाएगा, जिससे भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए कई क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।


उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "सबसे पहले हम इस समझौते का स्वागत करते हैं। हमें खुशी है कि यह आखिरकार लागू हो गया है और आज से इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है।"


कलंत्री ने आगे कहा कि रत्न एवं आभूषण, वस्त्र (टेक्सटाइल), इंजीनियरिंग सामान, कृषि उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) जैसे क्षेत्र इस व्यापार समझौते से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।


उन्होंने कहा, "करीब 99.5 प्रतिशत निर्यात मूल्य पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। तकनीकी रूप से यह 98.5 प्रतिशत उत्पादों पर लागू है, लेकिन यदि निर्यात मूल्य के आधार पर देखें तो यह 99.5 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। रत्न एवं आभूषण, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि और खाद्य क्षेत्र इस समझौते के सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।"


उन्होंने कहा कि इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए भारतीय उद्योगों को अब अपनी उत्पादकता बढ़ाने और उत्पादन क्षमता का विस्तार करने पर ध्यान देना होगा।


विजय कलंत्री ने यह भी कहा कि ऑटो कंपोनेंट्स उद्योग को भी इस समझौते से बेहतर बाजार पहुंच का फायदा मिलेगा।


उन्होंने आगे कहा कि केवल वस्तुओं का ही नहीं, बल्कि सेवा क्षेत्र को भी इस समझौते से बड़ा लाभ होगा। इसके तहत भारतीय योग प्रशिक्षकों, शेफ और अन्य पेशेवरों के लिए ब्रिटेन में काम करने के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, दोनों देशों के बीच वीजा नियमों में भी कुछ ढील देने पर सहमति बनी है, जिससे पेशेवरों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।

Amanat Arora | July 15, 2026 | Business | Economy


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