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कोलकाता में 2021 से ऊंची इमारतों की मंजूरियों की जांच कर रही केएमसी की विशेष ऑडिट समिति

कोलकाता में 2021 से ऊंची इमारतों की मंजूरियों की जांच कर रही केएमसी की विशेष ऑडिट समिति

कोलकाता में 2021 से ऊंची इमारतों की मंजूरियों की जांच कर रही केएमसी की विशेष ऑडिट समिति कोलकाता, 14 जुलाई। वर्ष 2021 से राज्य की राजधानी और उसके आसपास बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के लिए कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस-नियंत्रित बोर्ड द्वारा दी गई मंजूरियां अब केएमसी की विशेष ऑडिट समिति जांच कर रही है।


कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके तारातला में बन रहे तीन मंजिला गोदाम के हाल ही में ढहने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद केएमसी ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माणाधीन बहु-मंजिला इमारतों का विशेष ऑडिट करने का फैसला किया।


सूत्रों के मुताबिक, अब केएमसी में तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण वाले पिछले बोर्ड द्वारा बहु-मंजिला इमारतों के लिए दी गई सभी मंजूरियां और क्लीयरेंस विशेष ऑडिट कमेटी की जांच के दायरे में आ गई हैं।


केएमसी के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में बन रहे बहु-मंजिला इमारतों पर शुरुआती ऑडिट रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे होने के बाद क्लीयरेंस के मामले को विशेष ऑडिट टीम के दायरे में लाने का फैसला किया गया। यह रिपोर्ट सोमवार को विधानसभा में पेश की गई थी।


पेश की गई शुरुआती ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता और उसके आस-पास बन रही बहुमंजिला इमारतों में से केवल सात प्रतिशत ही कॉरपोरेशन की हाई-पावर ऑडिट कमिटी की जांच में खरी उतरी हैं।


केएमसी की ओर से बनाई गई हाई-पावर ऑडिट कमेटी ने निर्माणाधीन 160 बहुमंजिला इमारतों की मौके पर जाकर जांच की। इनमें से कमेटी ने सिर्फ 11 को मंजूरी दी और 23 में गंभीर कमियां और लापरवाही पाईं।


ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, 23 बहुमंजिला इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही पाई गई।


केएमसी ने चेतावनी दी है कि जिन 23 बहुमंजिला इमारतों में कमियां पाई गई हैं, उन पर काम तुरंत रोक दिया जाए। कमियों को जल्द ठीक करने के लिए संबंधित डेवलपर्स और प्रमोटरों को फाइलें वापस भेज दी गई हैं। जब तक नियमों के अनुसार कमियां पूरी तरह ठीक नहीं हो जातीं, तब तक वहां कोई काम नहीं किया जा सकता।


इसके अलावा, बन रही बाकी 41 बहुमंजिला इमारतों की ऑडिट रिपोर्ट अभी जांच के लिए टेक्निकल सब-कमेटी को भेजी गई हैं। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा।


केएमसी के एक अधिकारी ने कहा, "निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों की ऑडिट रिपोर्ट से पता चला है कि पिछली केएमसी बोर्ड के समय बिल्डिंग की मंजूरी देने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। लेकिन यह तो बस शुरुआत है। इसलिए स्पेशल-ऑडिट कमेटी द्वारा जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया है।"

Amanat Arora | July 14, 2026 | State | Google News


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