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मिडफील्ड पर बेहतर नियंत्रण दिखाने वाली टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की ज्यादा संभावना: रॉबिन सिंह

मिडफील्ड पर बेहतर नियंत्रण दिखाने वाली टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की ज्यादा संभावना: रॉबिन सिंह

मिडफील्ड पर बेहतर नियंत्रण दिखाने वाली टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की ज्यादा संभावना: रॉबिन सिंह नई दिल्ली, 10 जुलाई। भारत के पूर्व फुटबॉलर रॉबिन सिंह का मानना है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले का नतीजा काफी हद तक मिडफील्ड की लड़ाई पर निर्भर करेगा। रॉबिन के अनुसार, जो टीम मिडफील्ड पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखेगी, उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना सबसे ज्यादा होगी।


'जी5' फीफा वर्ल्ड कप 2026 कवरेज एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा रॉबिन ने कहा कि यह मुकाबला स्पेन की गेंद पर पकड़ बनाए रखने वाली शैली और बेल्जियम के तेज काउंटर-अटैक के बीच होगा। इसी वजह से दोनों टीमों की रणनीति और मिडफील्ड खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अहम रहेगा।


स्पेन के पास रोड्री और पेड्री जैसे बेहतरीन मिडफील्डर हैं, जबकि युवा स्टार लैमिन यामल टीम के आक्रमण को मजबूती देते हैं। दूसरी ओर, बेल्जियम के लिए केविन डी ब्रुइन, जेरेमी डोकू और लिएंड्रो ट्रॉसार्ड जैसे खिलाड़ी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। रॉबिन का मानना है कि दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक हो सकता है।


उन्होंने कहा कि स्पेन को सिर्फ गेंद अपने पास रखने से काम नहीं चलेगा। टीम को मिडफील्ड से तेज खेल दिखाना होगा और विरोधी टीम के मजबूत डिफेंस को तोड़ने के तरीके खोजने होंगे। उन्होंने सलाह दी कि पेड्री को मिडफील्ड में ज्यादा सक्रिय रहना होगा और लैमिन यामल को ऐसी जगह गेंद मिलनी चाहिए, जहां वह एक-के-बनाम-एक की स्थिति में अपनी गति और कौशल का फायदा उठा सकें।


रॉबिन के अनुसार, स्पेन के फुल-बैक जब आक्रमण में आगे बढ़ते हैं, तो पीछे खाली जगह बन जाती है। बेल्जियम के तेज खिलाड़ी ट्रॉसार्ड और डोकू इसी जगह का फायदा उठा सकते हैं। अगर बेल्जियम शुरुआती गोल करने में सफल रहता है, तो स्पेन को और ज्यादा आक्रामक खेलना पड़ेगा, जिससे उसके डिफेंस में और जगह बन सकती है।


उन्होंने कहा कि अगर दूसरे हाफ में रोमेलू लुकाकू मैदान पर आते हैं, तो बेल्जियम का अटैक और मजबूत हो जाएगा। उनकी ताकत और अनुभव स्पेन के युवा डिफेंडरों के लिए चुनौती बन सकते हैं। रॉबिन सिंह के अनुसार, क्वार्टर फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में टीम की मजबूत रीढ़ बहुत मायने रखती है। उन्होंने कहा कि स्पेन के लिए रोड्री, पेड्री और युवा डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। रोड्री खेल की गति को नियंत्रित करते हैं, जबकि पेड्री गेंद को तेजी से आगे बढ़ाने में माहिर हैं। अगर स्पेन बेल्जियम को काउंटर-अटैक के मौके नहीं देता, तो उसे बढ़त मिल सकती है।


रॉबिन ने बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि गार्सिया ने टीम को पहले से ज्यादा संतुलित बनाया है। हालांकि, उनका मानना है कि बेल्जियम पूरे मैच में सिर्फ रक्षात्मक खेल नहीं खेल सकता। टीम को सही समय पर आगे बढ़कर हमला करना होगा और विंग्स से मौके बनाने होंगे। इसके साथ ही सेट-पीस और क्रॉस का भी पूरा फायदा उठाना होगा। रॉबिन सिंह का मानना है कि दोनों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन अंत में वही टीम जीत हासिल करेगी जो मिडफील्ड पर अपना दबदबा बनाए रखेगी और अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करेगी।

Amanat Arora | July 10, 2026 | Sports | Google News


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