WhatsApp को सुपर-एप में तब्दील करने की कवायद शुरू हो चुकी है। बरसों से यह मैसेजिंग एप एक बेसिक सिद्धांत पर काम कर रही थी। अगर आपको इस प्लेटफॉर्म पर किसी यूजर को मैसेज करना है तो आपको उसका फोन नंबर पता होना चाहिए। ये व्यवस्था अब पुराने हो जा रही है। वॉट्सएप ने यूजर नेम फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है। यूजर्स एप पर अपना यूजरनेम रिजर्व भी कर सकते हैं। इसके पीछे वजह साफ है अगर किसी यूजर को अपना फोन नंबर नहीं देना तो वह वॉट्सएप यूजरनेम देकर भी मैसेजिंग एप पर उससे चैट कर सकता है।
दुनियाभर में वॉट्सएप के एक्टिव मंथली यूजर्स की संख्या 300 करोड पार कर गई है। अकेले भारत में कंपनी के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं और कंपनी के लिए इंडिया सबसे बड़ा मार्केट है। भारत जैसे देश में WhatsApp पर्सनल मैसेजिंग या फैमिली ग्रुप तक सीमित नहीं है। बल्कि, इसे ऑफिस, स्कूल, बिजनेस, कस्टमर सर्विस और पेमेंट से जुड़े कॉम्युनिकेशन के लिए खूब इस्तेमाल किया जाता है। मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप की नजर भारत के कॉमर्स, बिजनेस और पेमेंट मार्केट में है।
हाल ही में कंपनी ने इंडियन स्टार्टअप CRED के फाउंडर कुनाल शाह को ग्लोबल सीईओ बनाया है। कंपनी ने उन्हें यह जिम्मेदारी वॉट्सएप को मैसेजिंग एप को वीचैट जैसा सुपर एप में बदलने के लिए है। इसके सुपर एप बनने में सबसे बड़ी अड़चन यूजर की प्राइवेसी है। जैसा कि हमने बताया वॉट्सएप पर लॉगइन या अकाउंट बनाने के लिए फोन नंबर होना जरूरी है। इससे यूजर के फोन नंबर जैसी बेहद बेहद पर्सनल डिटेल लीक होने का खतरा है। अब यूजरनेम फीचर एंट्री होने से कंपनी इस अड़चन को लगभग पार कर चुकी है। हालांकि, यूजरनेम फीचर लाने का फैसला कुनाल शाह की नियुक्ति से पहले का है।