सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले 'भारत को कमजोर करने की साजिशों से रहना होगा सतर्क'
गोरखपुर, 29 जुलाई। जातीय राजनीति, क्षेत्रीय अस्मिता और इतिहास को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभाजनकारी ताकतों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि भारत जब-जब विकास और वैभव की ओर बढ़ा है, तब-तब देश को भीतर और बाहर से कमजोर करने की साजिशें हुई हैं। आज भी कुछ ताकतें सनातन संस्कृति को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं और उनके 'प्रवक्ता' समाज के भीतर से ही निकलकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की एकता, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए समाज को सतर्क और सजग रहना होगा। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है और गुरु वह है, जिससे मनुष्य कुछ सीख सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 21 जून को पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मना रही है और योग भारत की उस ऋषि परंपरा का वैज्ञानिक स्वरूप है, जिसे विश्व ने स्वीकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से प्राचीन पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों, पुराने सिक्कों और ऐतिहासिक अवशेषों को संरक्षित करने का आह्वान किया है। उत्तर प्रदेश में इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्राचीन पांडुलिपियां, ताम्रपत्र और सिक्के प्राप्त हुए हैं, जो भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के साक्ष्य हैं। प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि भारत का निर्माण अंग्रेजों ने किया, देश का सबसे बड़ा अपमान है। भारत हजारों वर्षों से एक राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में रहा है। यहां उपासना पद्धतियां, वेशभूषा और भाषाएं भले अलग रही हों, लेकिन उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश सदैव एक सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर राजनीति की विकृतियों ने जातीयता और क्षेत्रीयता के नाम पर देश को बांटने का प्रयास किया, लेकिन भारत ने हर चुनौती का सामना एकजुट होकर किया। आज जिस स्वतंत्रता का देश आनंद ले रहा है, वह जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना के कारण संभव हुई है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब भारत किसी बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ा, उसके सामने नई चुनौतियां खड़ी की गईं। उन्होंने भगवान राम के वनवास, महाभारत और चंद्रगुप्त मौर्य के कालखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि जब समाज अपने वैभव में खो जाता है तो कुछ लोग षड्यंत्र के जरिए व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। दुनिया की कुछ ताकतें अपने स्वार्थ के लिए सनातन संस्कृति को समाप्त करना चाहती हैं। उनके एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले लोग बाहर से नहीं, बल्कि इसी समाज के भीतर से निकलकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों से ऐसी ताकतों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जो समाज जितना जागरूक और संगठित रहेगा, उसका परिवार, समाज और राष्ट्र उतना ही सुरक्षित और समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय देश के 120 जिलों में नक्सलवाद का प्रभाव था, लेकिन आज वह लगभग समाप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि देश विरोधी सोच रखने वाली ताकतें कभी शांत नहीं बैठतीं। वे समय और परिस्थितियों के अनुसार नए नाम और नए स्वरूप में समाज के सामने आती हैं। इसलिए देश और समाज को हर प्रकार की विभाजनकारी तथा राष्ट्रविरोधी प्रवृत्तियों के प्रति लगातार सतर्क रहना होगा।